हिंडाल्को इंडस्ट्रीज | Hindalco Industries

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज कंपनी प्रोफाइल, स्थापना, इतिहास, मालिक, प्रोडक्ट्स, संचालन, नेटवर्थ, विज़न, मिशन विकी और अधिक (Hindalco Industries company success story in hindi)

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक भारतीय एल्यूमीनियम और तांबे की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जो आदित्य बिड़ला समूह की सहायक कंपनी है। हिंडाल्को दुनिया की सबसे बड़ी एल्यूमीनियम रोलिंग कंपनियों में से एक है और एशिया में प्राइमरी एल्यूमीनियम के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है।

बायो/विकी (Bio/Wiki)

नाम:-हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries)
लीगल नाम:-हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड
प्रकार (Type):-पब्लिक
इंडस्ट्री:-मेटल्स

प्रोफाइल (Profile)

स्थापना की तारीख:-1958
मुख्य लोग:-कुमार मंगलम बिड़ला (चेयरमैन)
सतीश पाई (मैनेजिंग डायरेक्टर)
मुख्यालय:-मुंबई, महाराष्ट्र
स्टॉक एक्सचेंज:-BSE: 500440
NSE: HINDALCO
राजस्व (Revenue):-₹1,95,059 करोड़
(वित्त वर्ष 2022)
कुल संपत्ति (Total Asset):-₹2,23,062 करोड़
(वित्त वर्ष 2022)
नेटवर्थ:-₹78,191 करोड़
(वित्त वर्ष 2022)
पेरेंट कंपनी:-आदित्य बिड़ला समूह
वेबसाइट:-www.hindalco.com

कंपनी के बारे में (About Company)

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख मेटल कंपनी है। 26 बिलियन अमेरिकी डॉलर का मेटल पावरहाउस हिंडाल्को एल्यूमीनियम और तांबे में एक इंडस्ट्री लीडर है। हिंडाल्को द्वारा अप्रैल 2020 में अपनी सहायक कंपनी नोवेलिस Inc. के माध्यम से एलेरिस कॉरपोरेशन का अधिग्रहण करने से कंपनी की स्थिति दुनिया के सबसे बड़े फ्लैट-रोल्ड प्रोडक्ट्स और एल्यूमीनियम के रिसाइकलर के रूप में ग्लोबल लीडर है।

हिंडाल्को भारत का सबसे बड़ा तांबा उत्पादक है, जो भारत की घरेलू परिष्कृत तांबे की आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आज हिंडाल्को की ग्लोबल उपस्थिति भारत में 17 मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स और 21 खनन परिचालनों और 9 देशों में फैली 33 विदेशी यूनिट्स तक फैली हुई है।

इतिहास & स्थापना (History & Establishment)

हिंडाल्को की स्थापना 1958 में आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा की गई थी। उसके बाद 1962 में GD बिड़ला ने उत्तर प्रदेश के रेणुकूट में भारत की पहली इंटीग्रेटेड एल्यूमीनियम फैसिलिटी की स्थापित की थी। उसके बाद 1965 में कंपनी ने रेणुकूट में रोलिंग और एक्सट्रूज़न मिलों में डाउनस्ट्रीम क्षमताओं को चालू किया था। और साल 1968 में कंपनी ने रेणुसागर पावर प्लांट चालू किया था।

हिंडाल्को ने आदित्य बिड़ला के नेतृत्व में एल्यूमीनियम इंडस्ट्री में अपना लीडरशिप पोजिशन प्राप्त कि थी। इसके बाद कंपनी देश में एक प्रमुख vertically integrated एल्यूमीनियम कंपनी के रूप में विकसित हुई थी और एशिया में एल्यूमीनियम के सबसे बड़े प्राथमिक उत्पादकों में से एक है। कंपनी कॉपर स्मेल्टर आज एक ही स्थान पर दुनिया के सबसे बड़े कस्टम स्मेल्टर में से एक है।

2007 में दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमिनियम रोलिंग कंपनी, नोवेलिस Inc. के लैंडमार्क अधिग्रहण ने दुनिया भर में हिंडाल्को के फुटप्रिंट स्थापित किए है, जिससे इसे टॉप पांच ग्लोबल एल्युमीनियम कंपनियों में स्थान मिला था।

प्रोडक्ट/सर्विस (product/service)

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के मुख्य उत्पाद (product) इस प्रकार है:-

एल्युमिनियम (Aluminium)

  • Primary aluminium
  • Aluminium value added
    • Flat Rolled Products (FRP)
    • Extrusions
    • Foils and packaging solutions
  • Metallurgical alumina

ताँबा (Copper)

  • Cathodes
  • Continuous Cast Rods (CCR)
  • Gold and silver
  • By-products
    • Di-Ammonium Phosphate (DAP)
    • Sulphuric acid

कैमिकल्स (Chemicals)

  • Calcined alumina
  • Alumina hydrate

संचालन (Operations)

हिंडाल्को 10 देशों में 47 यूनिट्स का संचालन करती है।

भारत में कंपनी संचालन

भारत में हिंडाल्को ने 1962 में उत्तर प्रदेश में रेणुकूट प्लांट शुरू किया था। यह फैसिलिटी बॉक्साइट खनन, एल्युमिना रिफाइनिंग, एल्यूमीनियम गलाने से लेकर डाउनस्ट्रीम रोलिंग और एक्सट्रूज़न तक एल्यूमीनियम वैल्यू सीरीज में संचालित होती है।

भारत में हिंडाल्को की अन्य यूनिट्स झारखंड के मुरी, पश्चिम बंगाल के बेलूर, उड़ीसा के हीराकुड, केरल के अलुपुरम, महाराष्ट्र के तलोजा, कर्नाटक के बेलगावी और गुजरात के दहेज में स्थित हैं।

हिंडाल्को झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उड़ीसा में कैप्टिव बॉक्साइट खदानों का संचालन करती है, जो बेलगावी, मुरी और रेणुकूट में एल्युमिना रिफाइनरियों को कच्चा माल उपलब्ध कराती हैं। बेलागवी और तलोजा में हिंडाल्को के दो रिसर्च & डेवलपमेंट सेंटर भी हैं।

दुनिया भर में कंपनी संचालन

नोवेलिस का मुख्यालय अटलांटा, जॉर्जिया में है और लगभग चार महाद्वीपों के 9 देशों में 33 मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटीज का संचालन करती है। नोवेलिस शिप किए गए वॉल्यूम के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा रोल्ड एल्युमीनियम उत्पादक है, और साथ ही एल्युमिनियम का सबसे बड़ा खरीदार भी है।

विजन & मिशन (Vision & Mission)

विजन: एक प्रीमियम धातु प्रमुख, आकार और पहुंच में वैश्विक, हम जो कुछ भी करते हैं उसमें उत्कृष्टता प्राप्त करने और अपने हितधारकों के लिए मूल्य बनाना।

मिशन: अपने मूल्यों का पालन करते हुए, एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक होने के नाते, ग्राहकों की अपेक्षाओं को लाभप्रद रूप से पार करते हुए, बेहतर शेयरधारक मूल्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास करना।

अधिग्रहण (Aquisition)

  • साल 2000 में कंपनी ने 74.6 फीसदी इक्विटी होल्डिंग के साथ इंडियन एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (Indal) में नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल कर ली थी।
  • वर्ष 2003 में आदित्य बिड़ला मिनरल्स लिमिटेड (ABML) के माध्यम से कंपनी ने निफ्टी कॉपर माइन का अधिग्रहण किया था।
  • 11 फरवरी 2007 को कंपनी ने अमेरिकी कंपनी नोवेलिस को 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर में अधिग्रहित करने के लिए एक समझौता किया, जिससे संयुक्त इकाई दुनिया की सबसे बड़ी रोल्ड-एल्यूमीनियम उत्पादक बन गई थी।

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज कंपनी के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q. हिंडाल्को कंपनी क्या काम करती है?
ANS: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक भारतीय एल्यूमीनियम और तांबे की निर्माण करती है, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप की सहायक कंपनी है।
Q. हिंडालको कंपनी की स्थापना कब हुई?
ANS: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी की स्थापना 1958 में हुई थी।
Q. क्या हिंडाल्को एक सरकारी कंपनी है?
ANS: हिंडाल्को सरकारी कंपनी नहीं है, बल्कि आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी है।